PM KUSUM Yojana 2025 झारखंड के गरीब किसानों के लिए यह बहुत ही बड़ा मौका है। सरकार 90% तक सब्सिडी पर सोलर पंप दे रही है, जिससे खेतों की सिंचाई मुफ्त में हो जाएगी। जानें—कैसे करें आवेदन, किसको मिलेगा लाभ और आपके गाँव में कब लगेंगे ये सोलर और पंप।
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🌞 PM KUSUM Yojana योजना का परिचय
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PM-KUSUM Yojna का पूरा नाम है प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan)। इसका उद्देश्य यह है की कैसे किसानों को सौर ऊर्जा (solar energy) आधारित सिंचाई प्रणालियों से जोड़ना है ताकि:
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कृषि के लिए डीजल/बिजली पर निर्भरता कम हो जाये ,
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सिंचाई की लागत में कमी हो जाये
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किसानों की आय में सुधार हो जाये ,
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और ग्रामीण ऊर्जा सुरक्षा (energy security) कोऔर बेहतर कैसे कर सके ।
PM KUSUM Yojana के तीन मुख्य घटक (components) हैं:
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Component A: किसानों की बंजर या खाली जमीन पर छोटे सौर बिजली संयंत्र (solar plants) का लगाना और वह अधिक पैदवार करना
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Component B: standalone/off-grid सोलर वाटर पंप का लगाना
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Component C: मौजूदा grid-connected कृषि पंपों की सोलराइजेशन या feeder-level solarisation करना
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PM KUSUM Yojanaएक demand-driven योजना है: यानी राज्यों और किसानों द्वारा की गयी मांग के आधार पर यह परियोजनाएँ स्वीकृत होती हैं, और केंद्र सरकार और राज्य सरकार प्रगति रिपोर्ट के आधार पर अपनी FUND जारी करती हैं।
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PM KUSUM Yojana का समयावधि अब तक बढ़ाई जा चुकी है, ताकि देरी से भी परियोजनाएँ पूरी की जा सकें और सरे किसान इस लाभ को अशनि से लेले कोई छूटे नहीं ।
2. PM KUSUM Yojana 2025 में राष्ट्रीय प्रगति और झारखंड की स्थिति
PM KUSUM Yojana की देश भर में स्थिति
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अक्टूबर 2024 तक लगभग 5 लाख standalone सोलर वाटर पंप (Component B) PM KUSUM Yojana के तहत स्थापित किये जा चुके थे।
भारत ने अब तक लगभग 13 लाख solar pump की मांग की है और 970,000 की ऑर्डर अब तक दिए जा चुके हैं। -
वित्त वर्ष 2024-25 में, PM-KUSUM को ₹4,169 करोड़ से अधिक का फंड मिला था , जिसमें झारखंड को लगभग ₹49.62 करोड़ का आवंटन किया गया था।
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छोटे व सीमांत किसानों, विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) किसानों को विशेष प्रावधान देकर लाभ पहुंचाया गया है।हलाकि इसका लाभ स्वर्ण किसान मित्र भी ले रहे है
झारखंड की स्थिति
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झारखंड ने PM-KUSUM योजना में बहुत ही अच्छी प्रगति दिखाई है, और इसे देश में 5०००० सोलर पंप के आसपास लगाकर पाँचवें स्थान तक आंका गया है ,यह झारखण्ड की किसानो के लिए 1 अछि संकेत मन जा सकता है ।
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Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) ने Solartive नामक कंपनी को सोलर पंप लगाने का ठेका दिया गया है, कुल ₹48.8 करोड़ मूल्य की परियोजना, Component-B की श्रेणी में।
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इसके अलावा, Shakti Pumps कंपनी को JREDA द्वारा ₹9.40 करोड़ का LoA (Letter of Award) मिला है, 400 सोलर वाटर पंप लगाने का ORDER दिया गया है
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Alpex Solar को भी 500 सोलर वाटर पंप लगाने का ₹12 करोड़ का ठेका झारखंड सरकर से मिला है।
ये तथ्य दर्शाते हैं कि झारखंड में PM-KUSUM योजना के तहत जमीन से लेकर सिंचाई तक सौर ऊर्जा को लेकर व्यवस्था जुटाई जा रही है, खासकर उन इलाकों में जहाँ बिजली सप्लाई कम या अनियमित है जिससे गरीब किसान अपने खेतो में सिचाई कर अचे पैदावार कर सके और उससे अछि आमदनी हो ।
3. झारखंड में किसानों को मिलने वाले लाभ
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सिंचाई की लागत में कमी: सोलर पंप का उपयोग करने से किसान डीजल/बिजली में खर्च होने वाला पैसा को बचा सकते हैं, जिससे खेती का खर्च कम होता है औरआमदनी की बढ़ता होगी ।
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ऊर्जा की विश्वसनीय उपलब्धता: बिजली की नेटवर्क समस्या या डीजल की उपलब्धता की कमी वाले इलाकों में सोलर पंप किसानों को दिन के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध कराते हैं, जिससे सिंचाई का समय पूर्वानिर्धारित और पूर्वानुमानित हो सकता है।
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हरित खेती की दिशा: सौर ऊर्जा का उपयोग पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बेहतर है, जिससे किसानों का कार्बन उत्सर्जन कम होता है और सतत खेती को बढ़ावा मिलता है।
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स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार: JREDA द्वारा स्थानीय कंपनियों को ठेके दिए जा रहे हैं (जैसे Solartive, Shakti Pumps, Alpex Solar) — इसका मतलब है कि स्थानीय चयन, स्थापना और सेवाओं से स्थानिक रोजगार को भी सहायता मिल रही है।
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सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के माध्यम से स्थायित्व: बिजली कटौती, डीजल की बढ़ती लागत आदि अनिश्चितताओं के बीच सोलर पंप किसानों को अधिक स्थायित्व प्रदान करता है।
4. चुनौतियाँ और सुधार की गुंजाइश
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स्थानीय बिजली ग्रिड या ग्रिड-कनेक्शन की बाधाएँ: कुछ इलाकों में पंपों की ग्रिड से संयुक्त सौर प्रणाली (Component C) को जोड़ने में तकनीकी व भौतिक चुनौतियाँ आती हैं, जैसे transmission line व्यवधान या जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्या।
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अन्य राज्यों की तरह संसाधन और प्रगति में असमानता: झारखंड ने अच्छी शुरुआत की है पर कुछ अग्रणी राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र की तरह बड़े पैमाने पर सौर संयंत्र लगाने में अभी समय लगता है।
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आवेदन प्रक्रिया, जागरूकता और प्रशिक्षण की कमी: किसानों को योजना के बारे में जानकारी नहीं होती है, आवेदन प्रक्रिया जटिल लग सकती है, और तकनीकी सहायता (installation, maintenance) की कमी हो सकती है।
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रखरखाव और ऑपरेशन-मैटेनेंस (O&M) योजना का अभाव: यदि पंप खराब हो जाए या बैटरियाँ कमजोर हो जाएँ, तो किसान या स्थानीय एजेंसी को इसकी नियमित सर्विसिंग की व्यवस्था करनी चाहिए।
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वित्तपोषण और सब्सिडी वितरण में दक्षता: केंद्र और राज्य दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सब्सिडी समय पर किसानों तक पहुँचें, और किसानों को स्थापित पंपों के लाभ उठाने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल जाए।
5. परीक्षा दृष्टिकोण से संभावित प्रश्न
PM-KUSUM योजना और खासकर झारखंड में इसके क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए, निम्नलिखित संभावित प्रश्न परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं:
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PM-KUSUM योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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उत्तर: किसानों की सिंचाई लागत घटाना, ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना और डीजल/बिजली आधारित सिंचाई प्रणालियों पर निर्भरता कम करना।
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PM-KUSUM योजना के कितने घटक हैं और वे क्या-क्या हैं?
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उत्तर: तीन घटक हैं — Component A (solar plants on fallow land), Component B (standalone solar pumps), Component C (solarisation of grid-connected agricultural pumps / feeder level solarisation)।
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झारखंड में PM-KUSUM योजना के तहत किस कंपनी को ठेका मिला है और किस Component के लिए है?
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उत्तर: JREDA ने Solartive को Component-B में सोलर वाटर पंप लगाने के लिए ₹48.8 करोड़ का ठेका दिया है। Saur Energy
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साथ ही Shakti Pumps Limited को भी 400 सोलर वाटर पंप लगाने का ₹9.40 करोड़ का Letter of Award मिला है। Energetica India
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Alpex Solar को 500 सोलर वाटर पंप लगाने का ₹12 करोड़ का ठेका मिला है। ETEnergyworld.com
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2024-25 में PM-KUSUM योजना को कुल कितने करोड़ रुपये का फंड मिला, और झारखंड को कितना प्राप्त हुआ?
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उत्तर: कुल ₹4,169.37 करोड़ मिले, जिसमें झारखंड को लगभग ₹49.62 करोड़ का आवंटन भी मिला। Energetica India+2Renewable Watch+2
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PM-KUSUM योजना में ‘demand driven’ मॉडल का क्या मतलब है?
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उत्तर: परियोजनाएँ किसानों या राज्यों की मांग के आधार पर स्वीकृत होती हैं, और केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार फंड उसी प्रगति रिपोर्ट के आधार पर जारी करती हैं।
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6. निष्कर्ष
PM-KUSUM योजना ने झारखंड में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियों को लागू करने में अच्छा आरंभ कर लिया है, खासकर Component-B (standalone solar pumps) में। राज्य एजेंसियाँ (जैसे JREDA) ठेके दे चुकी हैं और स्थानीय कंपनियाँ ठोस प्रोजेक्ट लागू कर रही हैं।
अगर आप किसान हैं या आपकी जमीन सिंचाई की ज़रूरत वाली है, तो यह सुनिश्चित करें कि:
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आपने PM-KUSUM योजना के लिए आवेदन किया हो (Component B या C के लिए)
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आप Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) या संबंधित राज्य एजेंसी से अपनी परियोजना की स्थिति चेक करें
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और यदि परियोजना स्वीकृत हो गई है, तो स्थापना, रखरखाव और ऑपरेशन मैटेनेंस की योजना तैयार रखें ताकि आपके सोलर पंप का पूरा लाभ उठाया जा सके।
PM KUSUM Yojana के झारखंड में आवेदन की प्रक्रिया:-
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
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झारखंड में आवेदन करने के लिए किसान को आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा जो की बाहर ही easy हो गयी है अब
👉 https://www.pmkusumjharkhand.com (या State Renewable Energy Development Agency – JREDA वेबसाइट पर)
2. जरूरी डॉक्यूमेंट्स PM KUSUM Yojana को aplly करते समय
क्या क्या लगेंगे?

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आधार कार्ड
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जमीन का कागज / खतियान
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बैंक पासबुक
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मोबाइल नंबर
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पासपोर्ट साइज फोटो
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किसान रजिस्ट्रेशन नंबर (अगर है तो)
3. PM KUSUM Yojana चयन प्रक्रिया क्या है?
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आवेदन करने के बाद JREDA (Jharkhand Renewable Energy Development Agency) द्वारा लॉटरी या प्राथमिकता सूची बनाई जाती है।
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चयनित किसानों से JREDA संपर्क करेगा और सब्सिडी प्रोसेस आगे बढ़ेगा।
4. भुगतान(Payment ) और सब्सिडी (Subsidy )
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किसान को कुल लागत का 10% ही भरना होता है।
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शेष राशि पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 90% सब्सिडी देती है।
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PM KUSUM Yojana का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के स्टेप्स
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JREDA PM Kusum Portal पर जाएं।
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“Apply Online / किसान पंजीकरण” पर क्लिक करें।
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अपनी जानकारी (आधार, जमीन विवरण, बैंक विवरण) भरें।
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डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
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सबमिट करने के बाद आपको एक Application Number मिलेगा जो आप PM KUSUM Yojana के लिए डिटेल दिए होंगे वो उसी नंबर से बाद में आप जाँच सकते है ।
🔹 हेल्पलाइन (Jharkhand)
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JREDA Helpline: 0651-2491163
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Email: info@jreda.com
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